हेमलता कौशिक, दिसम्बर 30 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने यमुना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निर्माण या रिहायशी कब्जे पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अदालत ने साफ किया है कि भले ही ऐसा कब्जा कब्रिस्तान या धार्मिक इस्तेमाल के बहाने से किया जाए। कब्रिस्तान या धार्मिक इस्तेमाल के नाम पर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने नौ गजा पीर दरगाह और पास के कब्रिस्तान के पास हो रहे अवैध कब्जों पर चिंता जताई। अदालत ने डीडीए को एक हफ्ते के भीतर संबंधित क्षेत्र में बाड़ लगाने का आदेश भी जारी किया है। कोर्ट ने सभी कब्जेधारियों को 10 जनवरी 2026 तक जमीन खाली करने का सख्त निर्देश दिया है।बाढ़ प्रभावित एरिया में निर्माण की इजाजत नहीं जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की प...
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