हरिद्वार, नवम्बर 13 -- हरिद्वार में एसडीएम की अदालत ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दस अलग-अलग मामलों की सुनवाई में दुर्व्यवहार और तिरस्कार करने वाले बेटों को उनके माता-पिता की संपत्ति से बाहर करने के आदेश जारी किए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एसडीएम जितेंद्र कुमार की अदालत ने पाया कि बेटों ने माता-पिता के साथ अमानवीय व्यवहार किया है। कुछ मामलों में तो बेटों ने उन्हें भोजन-पानी तक से वंचित कर दिया। परेशान होकर वृद्ध दंपतियों ने एसडीएम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। यह भी पढ़ें- उत्तराखंड सरकार ला रही देवभूमि परिवार योजना, हर परिवार की नई आईडी; क्या फायदे यह भी पढ़ें- UCC में लिव-इन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव, आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म वृद्ध माता-पिता ने अदालत को बताया कि ...