गोंडा, फरवरी 8 -- नवाबगंज, संवाददाता। कस्बे के निकट सिरसा कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार की शाम कथा व्यास अवधेन्द्र प्रपन्नाचार्य ने भगवान कपिल और माता देवहूति के संवाद का विस्तार से वर्णन करते किया। साथ ही श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व समझाया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान विष्णु के अवतार भगवान कपिल ने अपनी माता देवहूति को सांख्य योग के माध्यम से आत्मज्ञान का उपदेश दिया। उनके ज्ञानमय और करुणामय प्रवचनों से माता देवहूति को परम तत्व की अनुभूति हुई और अंततः उनका शरीर सिद्धिदा नामक पुण्य सलिला नदी में परिवर्तित हो गया। यह प्रसंग त्याग, साधना और ईश्वर भक्ति की पराकाष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि अहंकार, मोह और आसक्ति का त्याग कर भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर चलता है तो उसे जीवन का परम लक्ष्य प्राप्त...