मेरठ, अक्टूबर 5 -- मेरठ। निलंबित प्राचार्या प्रो.अलका चौधरी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप और ऑडिट जांच के बाद कनोहरलाल कॉलेज प्रबंधन मुश्किल में फंस सकता है। राजभवन के आदेश पर उच्च शिक्षा विभाग ने प्रबंध तंत्र को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जवाब देने को कहा है। यदि इस अवधि में जवाब नहीं मिलता तो माना जाएगा प्रबंधन को कुछ नहीं कहना। निर्धारित अवधि के बाद शासन प्रबंधन पर कार्रवाई कर सकता है। जारी आदेशों के अनुसार तीन दिसंबर 2024 को निदेशक उच्च शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में कॉलेज प्रबंधन को दोषी माना गया है। इसी आधार पर प्रबंध तंत्र के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। 30 सितंबर को जारी इस नोटिस के बाद मैनेजमेंट के पास 15 अक्तूबर तक जवाब देने का समय होगा। हालांकि 15 दिन की अवधि प्रबंधन को नोटिस मिलने की तिथि से मानी जाएगी। प्रो...