सीवान, मई 26 -- हुसैनगंज , एक संवाददाता। हुसैनगंज चट्टी पर हनुमान मंदिर के प्रांगण में चल रहे 7 दिवसीय श्री संकटमोचन हनुमत महायज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। महायज्ञ के दूसरी रात्रि में वृंदावन से पधारी कथावाचक व प्रवचनकर्ता अर्चना मणी पराशर ने श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान शंकर जी का विवाह माता पार्वती से हुआ था। वह शादी नारद जी के प्रेरणा से सम्पन्न हुई थी। इस संदर्भ में शादी के पश्चात् एक सुन्दर जीवन व्यतीत करने के लिए सभी गुणों पर प्रकाश ड़ाला गया। उन्होंने कहा कि किसी लड़का व लड़की को स्वयं से,बिना माता पिता के अनुमति से शादी नहीं करना चाहिए। क्योंकि वह शादी का रिश्ता बहुत दिनों तक नहीं टिकता है। श्रीराम जी के कथा में रामचरितमानस के चौपाई में भाई - बहन के प्रेम तथा पति व पत्नी के प्रेम को दर्शाया...
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