बस्ती, नवम्बर 14 -- छावनी। क्षेत्र के सोहगिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा का प्रथम दिवस धूमधाम से संपन्न हुआ। कथावाचक आचार्य रामगोपाल शुक्ल ने प्रभु भक्ति और मानव उद्धार के प्रसंगों का वर्णन किया। कथा व्यास ने कहा कि एक बार नैमिषारण्य तीर्थ में सनकादि ऋषियों ने पुराणवेत्ता सूत जी से प्रश्न किया, हे सूत जी। कलयुग में वेद-विद्या से रहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति कैसे प्राप्त होगी, उनका उद्धार किस प्रकार होगा। कोई ऐसा व्रत या तप बताइए, जिससे थोड़े समय में पुण्य प्राप्त हो और मनवांछित फल मिले। हम ऐसी कथा सुनना चाहते हैं। सूत जी ने उत्तर दिया कि हे वैष्णवों, आपने प्राणियों के हित की उत्तम बात पूछी है। अब मैं वह श्रेष्ठ व्रत बताता हूं, जिसे नारद के पूछने पर स्वयं लक्ष्मी-नारायण भगवान ने उन्हें बताया था। कथा आगे बढ़ाते हुए आचार्य ने कहा कि नारद दूसर...