आजमगढ़, जनवरी 19 -- आजमगढ़,संवाददाता। एसकेपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित श्री रामकथा के चौथे दिन प्रभु श्रीराम का जनकपुर प्रसंग सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा वाचक आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि राम चरितमानस में चार नगरों का विशेष उल्लेख है। इनमें मनरूपी मिथिला, बुद्धिरूपी अयोध्या, चित्तरूपी चित्रकूट और अहंकाररूपी लंका शामिल है। उन्होंने कहा कि जनकपुर अर्थात मिथिला शुभ, शुचि सहित छह सद्गुणों से परिपूर्ण नगरी है। विश्वामित्र महामुनि द्वारा प्रभु श्रीराम को मिथिला लाए जाने का समाचार पाकर राजा जनक अत्यंत प्रसन्न हुए। कथा में प्रभु श्रीराम के विवाह, तत्पश्चात वनगमन जैसे मार्मिक और प्रेरक प्रसंग सुनाई। कथा की रसधारा में श्रोता निरंतर डूबते रहे और भावविभोर होकर रामकथा का रसपान करते रहे। इस ...