इटावा औरैया, फरवरी 7 -- श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन शनिवार को आचार्य पं राहुल त्रिपाठी ने कहा कि सच्चे मन से ईश्वर का स्मरण ही दुखों का अंत कर सदमार्ग की ओर ले जाता है। व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत के अंतिम श्लोक में भी कहा गया है कि ईश्वर के नाम का संकीर्तन करने वालों के सभी दुख व पाप नष्ट हो जाते हैं। यह कथा मानवता को शिक्षा देने के साथ ही जीवन में दुष्प्रवृत्तियों का नाश कर सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाली मानी गई है। जानकार लोगों का मानना है कि इस कथा को सुनने मात्र से व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है और मानवता व परोपकार की प्रेरणा मिलती है। आचार्य श्रीमद् भागवत पुराण को सभी पुराणों में श्रेष्ठ बताया। इससे पूर्व सुदामा चरित्र की कथा में कहा कि मित्र की सहायता करना परम धर्म है। और मित्रता में गरीबी -...