रामगढ़, दिसम्बर 5 -- रामगढ़, एक प्रतिनिधि। दिसंबर का महीना और बढ़ती हुई ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। तापमान में लगातार गिरावट के बीच सबसे ज्यादा मुश्किलें उन गरीब, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा-ठेलाचालकों और बेघर लोगों को हो रही हैं, जो रातें सड़क किनारे, दुकानों की छतों के नीचे, रेलवे स्टेशन के आसपास या अस्थायी टहनियों और प्लास्टिक से बने ठिकानों में काटने को मजबूर हैं। सर्द हवाओं के बीच ठिठुरते लोगों की तस्वीरें मानवता को झकझोरती हैं। इसी स्थिति को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और सभी जिलों के प्रशासन से पूछा है कि रैन बसेरा और आश्रय गृह की व्यवस्था कितनी प्रभावी है और क्या गरीबों तक यह सुविधा सही रूप में पहुंच रही है। - नगर परिषद के रैन बसेरा की जमीनी स्थिति रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र में सिव...