शाहजहांपुर, दिसम्बर 14 -- जनपद में कड़ाके की ठंड के बीच अलाव जलाने की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से असंतोषजनक रही है। नगर निगम द्वारा ठेकेदार ना मिलने के कारण अलाव की जिम्मेदारी कर्मचारियों पर डाल दी गई है, लेकिन लकड़ी इतनी गीली और नाजुक है कि पूरे रात में एक भी लकड़ी जल नहीं पाती। घंटाघर पर लगाए गए अलाव को सुबह तक वही अवस्था में पाया गया, जैसी शाम को लगाई गई थी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन ठेकेदारों का अभाव और सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण विभाग स्वयं अलाव जलाने को मजबूर है। कर्मचारियों की मजबूरी के कारण उपलब्ध लकड़ी की गुणवत्ता कम होने से अलाव कामयाब नहीं हो रहे हैं। मिर्जापुर क्षेत्र में प्रशासन की उदासीनता और अलाव व्यवस्था की कमी और स्पष्ट नजर आई। ढाई तिराहा, चौराहा, जरियनपुर चौराहा और त...