भागलपुर, जून 20 -- कुरसेला, निज प्रतिनिधि। सरकारी स्कूलों में छात्रों को शारीरिक रूप से सशक्त और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से लाखों रुपए खर्च कर जीम उपकरण लगाए गए थे। जो अब खुद बीमार हाल में पड़े हैं। न तो इनकी देखरेख हो रही है और न ही मरम्मत। हालात ये हैं कि अधिकांश विद्यालयों में लगे फिटनेस उपकरण या तो टूट चुके हैं, या कबाड़ का रूप ले चुके हैं। दो वर्ष पूर्व बच्चों की फिटनेस के लिए स्कूलों में लगे ट्रेडमिल, बटरफ्लाई मशीन, साइकिल और लेग प्रेस जैसे उपकरण अब या तो जंग खा चुके हैं या उनके पुर्जे अलग-अलग पड़े हैं। कई जगह मशीनें जमीन पर गिर पड़ी हैं तो कुछ का बैलेंस व्हील तक गायब है। स्कूलों में लगे जिम के उपकरणों की देखरेख के लिए किसी को जिम्मेदारी नहीं दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि लाखों की लागत से लगाए गए उपकरण बच्चों की फि...
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