कटिहार, नवम्बर 28 -- बरारी, संवाद सूत्र। बरारी प्रखंड के काढ़ागोला घाट क्षेत्र में गंगा नदी के लगातार कटाव से पिछले तीन दशकों में हजारों परिवार उजड़ चुके हैं। दर्जनों गांव के दस हजार से भी अधिक परिवार पीडब्ल्यूडी सड़क, रेलवे लाइन एवं बांध के किनारे किसी तरह अस्थायी रूप से जीवन बिता रहे हैं। लेकिन इन विस्थापितों को अब तक स्थायी बसावट या पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं मिल सका है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते 30 वर्षों में कटाव ने उनकी पूरी जिंदगी तबाह कर दी है। खेतीयोग्य जमीन, घर-मकान, पूजा स्थल और मवेशीघाट-सब कुछ गंगा की धारा में समा गया, लेकिन सरकारी स्तर पर न पुनर्वास की जमीन मिली, न ही जीवन पुनर्स्थापना की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। विस्थापित परिवारों का कहना है कि काढ़ागोला घाट से लेकर फुलवरिया चौक तक हजारों लोगों ने अपने परि...
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