ललितपुर, नवम्बर 7 -- जनपद में कटखने कुत्तों का आतंक है। दौड़ाकर यह कब काट लें, इसका कोई भरोसा नहीं है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख सड़क मार्गों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों सहित सरकारी कार्यालयों में उसमें घुसपैठ है। इनको लेकर जिम्मेदार भी निष्क्रय बने हुए हैं। न्यायालय के आदेशों का भी वह अनुपालन नहीं कर रहे हैं। पशुपालन विभाग की पशुगणना के मुताबिक जनपद के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 1922 आवारा कुत्ते सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। यह सरकारी लेखाजोखा किसी मजाक से कम नहीं है। जनपद की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों की संख्या इससे कई गुना अधिक है। सड़कों व गलियों संग सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्ते हर समय दिखाई दे जाते हैं। यह झुंड बनाकर सड़क किनारे लगे कचरे के ढेरों में भोजन की तलाश करते हैं। यही नहीं, सर्दियों में खुले स्थान...
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