लखीसराय, फरवरी 1 -- लखीसराय, कार्यालय संवाददाता। लाखों रुपये हर महीने खर्च करने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। किऊल नदी के तट पर स्थित सूर्यनारायण घाट सहित शहर के कई हिस्सों में कूड़े-कचरे का अंबार लगने से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे खुलेआम फेंका जा रहा कचरा न केवल किऊल नदी को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि आसपास के इलाकों में दुर्गंध और संक्रमण का कारण भी बन रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद डंपिंग यार्ड की कमी का बहाना बनाकर शहर का कचरा जहां-तहां डाल रही है। किऊल नदी लखीसराय की जीवनरेखा मानी जाती है। इसी नदी के किनारे सूर्यनारायण घाट धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। लेकिन वर्तमान हालात में घाट की पहचान श्रद्धा और आस्था से ज्यादा गंदगी और बदबू से जुड़ती जा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.