बिहारशरीफ, नवम्बर 22 -- ककड़िया में मौन रहकर बच्चों ने किया आनापन ध्यान साधना 278 छात्रों ने किया अभ्यास, पांच नियमों की दी गयी जानकारी आनापान ध्यान साधना से बच्चों में बढ़ती है एकाग्रचित्तता बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नूरसराय प्रखंड के ककड़िया मध्य विद्यालय में शनिवार को बच्चों ने आनापान ध्यान साधना किया। इसमें 278 छात्र शामिल हुए। प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने कहा कि विपश्यना का अर्थ है 'चीजों को वैसा ही देखना जैसी वे हैं', एक प्राचीन ध्यान तकनीक है। इसकी जड़ें लगभग 2500 वर्ष पूर्व के प्रारंभिक बौद्ध धर्म में मिलती हैं। आनापान ध्यान साधना से बच्चों में एकाग्रचित्तता बढ़ती है। पढ़ाई में मन लगता है और मन शांत होता है। बच्चे अपने मन को वश में करना सीखते हैं। इसमें बच्चों को पांच शील पालन करना और उनका जीवन में महत्त्व समझाया गया। उन्होंने कहा कि शी...