नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- कहते हैं न कि जाको राखे साईंया मार सके न कोय.... दिल्ली के 55 साल के इस शख्स पर ये लाइन एकदम सटीक बैठती है। जीवन में कई दिल के दौरे झेल चुके और बचने की उम्मीद 5 फीसदी के बीच इस व्यक्ति ने मौत को मात देकर वो कर दिया जिसे हम आरप चमत्कार कहते हैं। इस शख्स के साथ यह चमत्कार तब हुआ जब वह डायबिटीज से पीड़ित था। शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल ने एक बयान में कहा कि व्यक्ति डायबिटीज (मधुमेह) का मरीज था, एक सामान्य सिबेसियस सिस्ट (हटाने की सर्जरी के छह घंटे बाद बेहोश हो गया। उसे बार-बार दिल के दौरे पड़े, जिसके लिए 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) और कई इलेक्ट्रिक शॉक्स देने पड़े। अस्पताल ने बताया कि उसे गंभीर स्थिति में फोर्टिस में शिफ्ट किया गया। वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर था और गहन पुनर्जीवन (intense resuscitation) के कारण उसका एक ...