कोलकाता, नवम्बर 22 -- 2002 से 2025 के बीच पश्चिम बंगाल में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया। चुनाव आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, 2002 में राज्य में 4.58 करोड़ मतदाता थे, जो 2025 में बढ़कर 7.63 करोड़ हो गए। यानी 66% की वृद्धि हुई। बीते दो दशकों में राज्य की मतदाता संख्या में हुई इस तेज बढ़ोतरी ने राजनीतिक हलकों में गहमागहमी बढ़ा दी है। वर्तमान में राज्य के 23 जिलों में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया चल रही है। 2002 में राज्य में 18 जिले थे, जिन्हें बाद में विभाजित किया गया। भाजपा का दावा है कि बंगाल के कई जिले मुस्लिम-बहुल होने की कगार पर हैं। सत्ताधारी टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज किया है।सीमा से सटे जिलों में सर्वाधिक उछाल ECI के आंकड़े बताते हैं कि मतदाता वृद्धि के शीर्ष 10 जिलों में से 9 जिले बांग्लादेश...
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