नवादा, नवम्बर 3 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। चुनाव दर चुनाव बीतते चले गए लेकिन नवादा जिले की जीवन रेखा साबित होने वाली अपर सकरी जलाशय योजना अधर में ही लटकी पड़ी है। किसानों के जीवन-मरण से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। यह योजना बस चुनाव घोषणा पत्र की शोभा बन कर रह गयी है। हर बार चुनावों में मुद्दा बनने के बावजूद अपर सकरी जलाशय योजना के क्रियान्वयन पर किसी भी स्तर पर ध्यान नहीं है। इस अतिमहत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतर आने से नवादा समेत आसपास के कई जिलों के किसानों को सिंचाई में बहुत बड़ी सहूलियत हो जाती लेकिन अब तो योजना के भविष्य पर ही प्रश्नचिह्न लग कर रह गया है। नेतागण की इच्छाशक्ति की कमी से यह योजना अटकी पड़ी है। वर्तमान स्थिति यह है कि बिहार और झारखंड सरकारों की आपसी खींचतान में यह योजना ही भेंट चढ़ कर ...
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