नई दिल्ली, जनवरी 23 -- दिल्ली में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कोर्ट द्वारा गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कई गवाहों ने घटना के करीब तीन दशक तक आरोपी का नाम तक नहीं लिया। राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने स्पष्ट किया कि अदालत पीड़ितों और उनके परिजनों के दर्द को समझती है, लेकिन फैसला केवल ठोस सबूतों के आधार पर ही किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि के लिए अभियोजन को संदेह से परे प्रमाण पेश करना होता है, जो इस मामले में साबित नहीं हो सका। 60 पन्नों के विस्तृत आदेश में अदालत ने उल्लेख किया कि अभियोजन जिन गवाहों पर निर्भर रहा, उनकी गवाही ज्यादातर सुनाई-सुनाई बातों पर आधारित थी। कई गवाहों ने घटना के करीब तीन दशक तक आर...