सिद्धार्थ, मार्च 23 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। भनवापुर क्षेत्र के महादेव गजपुर गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार रात कथावाचक पंडित विपिन शास्त्री ने कंस वध की कथा सुनाई। जिसे सुनकर श्रद्धालु हर्षित हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि जब कंस ने श्रीकृष्ण को सामने देखा तो वह तुरंत सिंहासन से उठ खड़ा हुआ। उसने हाथों में ढाल और तलवार ले ली। वह चोट करने का मौका ढूंढते हुए पैतरे बदलने लगा। भगवान श्रीकृष्ण ने जैसे गरुड़ सांप को पकड़ लेता है वैसे ही बलपूर्वक कंस को पकड़ लिया। इस दौरान कंस का मुकुट गिर गया। भगवान ने उसके बाल पकड़कर ऊंचे मंच से रणभूमि में पटक दिया। फिर स्वयं उस पर कूद पड़े, जिससे कंस की मृत्यु हो गई। कथा व्यास ने बताया कि कंस हर समय श्रीकृष्ण का ही चिंतन करता था। खाते, पीते, सोते, चलते, बोलते और सांस लेते वक्त वह हमेशा अ...
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