सिद्धार्थ, फरवरी 14 -- भनवापुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा गांव में चल रहे संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार की रात कनकेश्वरी देवी ने रुक्मणी विवाह और कंस वध की कथा प्रसंग का भक्तों को रसपान कराया। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचार से पृथ्वी त्राही-त्राही जब करने लगी तब लोग भगवान से गुहार लगाने लगे। इसके बाद प्रभु श्रीकृष्ण अवतरित हुए। बताया कि कंस को जब पता था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों ही होना निश्चित है, इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को अनेक बार मरवाने का प्रयास किया। हर प्रयास भगवान के सामने असफल साबित होता रहा। 11 वर्ष की अल्प आयु में कंस ने मल्ल युद्ध के बहाने कृष्ण, बलराम को मथुरा बुलवाकर शक्तिशाली योद्धा और पागल हाथियों से कुचलवाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वह सभी श्रीकृष्ण और बलराम के हाथों मार...
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