अलीगढ़, अक्टूबर 8 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। डिजिटल दौर में घंटों मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप पर काम करने की आदत आंखों की रोशनी के लिए खतरा बनती जा रही है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने से आंखों में आंसू बनना कम हो रहा है। इससे आंखें सूखने लगती हैं। धुंधलापन और कुछ पल के लिए ब्लैंक विजन (आंखों के आगे अचानक कुछ न दिखना) जैसी गंभीर स्थिति भी सामने आ रही है। वहीं, डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में आंखों की नसें ब्लॉक होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दीनदयाल अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुंदर कुमार ने कहा कि डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में आंखों की नसें ब्लॉक होने का खतरा तेजी से बढ़ता है। इससे अंधेपन का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित न रहने पर आंखों की रेटिना प्रभावित होती है। समय पर जां...
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