मथुरा, मई 2 -- मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा सर्वे में चिह्नित की गईं अवैध कॉलोनियों और भवनों के निर्माणों में कंपाउंडिंग की प्रक्रिया शुरू कर वैध की श्रेणी में लाने के प्रयास चल रहे हैं। इसके साथ यह सवाल भी उठने लगे हैं कि कंपाउंडिंग नियमों के मुताबिक हो रहे हैं या इसके पीछे घालमेल है। दरअसल एमवीडीए के कंपाउंडिंग के खेल में मथुरा और वृंदावन शहर नक्शा ही बदल गया है। अवैध निर्माण होते वक्त आंख मूंद लेना और फिर नियमों को तोड़मरोड़कर उनकी कंपाउंडिंग कराकर वैध होने की मुहर लगा देना एमवीडीए की फितरत बन गई है। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, छटीकरा, बरसाना में बने शॉपिंग कांप्लेक्स, कामर्शियल बिल्डिंग, होटल, गेस्ट हाउस, दुकान, मकान, नर्सिंग होम, बरातघर जैसी तमाम इमारतों में ज्यादातर में एमवीडीए के नियमों का पालन नहीं हुआ है। मथुरा शहर के...
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