रांची, नवम्बर 14 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड स्टेट बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) को जमा की गई करोड़ों रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटियों के मामले में फंसे मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक परमार बिपिनभाई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्य गंभीर आर्थिक अपराध की ओर संकेत करते हैं, जिसमें याचिकाकर्ता की भूमिका स्पष्ट रूप से दिखती है। इस मामले की जांच एसीबी कर रही है। प्राथमिकी के अनुसार कंपनी ने जेएसबीसीएल द्वारा जारी मैनपावर टेंडर के लिए 5.35 करोड़ रुपये की दो बैंक गारंटियां जमा की थीं। जांच के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब एंड सिंध बैंक दोनों ने स्पष्ट रूप से बताया कि संबंधित बैंक गारंटियां उनकी शाखाओं द्वारा जारी ही नही...