पूर्णिया, जनवरी 17 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।जब मेरे बच्चे का जन्म हुआ, तो उसका वजन मात्र 2 किलो 210 ग्राम था। मैं और मेरा परिवार बहुत चिंतित थे, लेकिन रानीपतरा अस्पताल की नर्सों और आशा दीदी ने हमें घबराने के बजाय कंगारू मदर केयर की सलाह दी। अस्पताल के वार्ड से शुरू हुआ यह सफर आज घर पर भी जारी है और मेरा बच्चा अब तेजी से स्वस्थ हो रहा है। यह कहना है पूर्णिया पूर्व प्रखंड के आंगा टोला की रहने वाली लाभार्थी प्रीति कुमारी का। प्रीति की यह कहानी उन हजारों माताओं के लिए एक मिसाल है, जिनके बच्चे जन्म के समय कम वजन एलबीडब्ल्यू के कारण जोखिम में होते हैं। 26 दिसंबर को प्रसव के बाद जब स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चे का वजन लिया, तो वह सामान्य से काफी कम पाया गया। इसके बाद अस्पताल में मौजूद कंगारू मदर केयर केएमसी वार्ड में बच्चे को रखा गया। एए...