गाज़ियाबाद, नवम्बर 18 -- गाजियाबाद, संवाददाता। भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी भेषजसंहिता आयोग (पीसीआईएमएंडएच) ने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी (एएसयूएंडएच) के भेषजसंहितीय मापदंडों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यषाला का आयोजन किया। कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) महेश कुमार दाधीच और विशिष्ट अतिथि डीआरडीओ के पूर्व सह निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने में उच्च गुणवत्ता वाली अपरिष्कृत औषधियों के महत्व पर जोर दिया। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने औषधीय पौधों की पहचान, गुणवत्ता मूल्यांकन, रसायन विश्लेषण और माइक्रोबियल परीक्षण पर व्याख्यान दिए। इसके बाद प्रतिभागियों को प्रयोगशा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.