लखनऊ, दिसम्बर 8 -- इन सबने चिकित्सीय इस्तेमाल की जगह नशे के लिए बेचा कई फर्में रिश्तेदारों के नाम भी बनवाई आरोपियों ने लखनऊ, विशेष संवाददाता कोडीन युक्त सिरप की नशे के तौर पर इस्तेमाल कर रही उन फर्मों को भी दो-तीन लाख बोतल बेची गईं, जिनका औषधि लाइसेंस निरस्त किया जा चुका था। इतना ही नहीं ये फर्मे गिरोह से जुड़े एक ही व्यक्ति और उनके रिश्तेदारों के नाम बनाई गई थीं। इन फर्मों को अस्तित्व में लाने के लिए फर्जी अनुभव पत्र तक लगाए गए थे। एसटीएफ और एफएसडीए की जांच में यह सामने आ चुका है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि कोडीन युक्त कफ सिरप का संगठित रूप से नशे के तौर पर इस्तेमाल करना संगठित अपराध की श्रेणी में आता है। इस तरह की सूचना पर औषधि विभाग ने प्रदेश के 279 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण भी किया था। इसमें यह भी सामने आया था कि कई दवा...