वाराणसी, नवम्बर 26 -- वाराणसी। शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत सैगल को ओस्टियोऑर्थराइटिस इलाज के लिए एक और प्लेट का पेटेंट मिला है। अब वह इसके ट्रेडमार्क के लिए आवेदन करेंगे। इस प्लेट का उपयोग घुटने की गठिया से पीड़ित मरीजों में किया जाएगा। डॉ. अजीत सैगल ने कहा कि ओस्टियोऑर्थराइटिस ग्रेड-3 के रोगियों को प्लेट लगाने के बाद घुटना बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसकी लाइफ करीब 25 साल होगी। उन्होंने कहा कि मरीज चौकड़ी मारकर बैठ सकते हैं। घुटना बदलने से आधे खर्च में ये प्लेट लग जाएगी। इससे पूर्व घुटने की गठिया के इलाज के लिए 'डॉ. सैगल एलसीपी प्लेट' नाम से पेटेंट मिल चुका है।

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