सोनभद्र, जून 12 -- अनपरा,संवाददाता। ओवर बर्डेन हटाने में एनसीएल और उसकी आउट सोर्सिंग कम्पनियां भी बुरी तरह फ्लाप साबित हो रही है। निर्धारित लक्ष्यों की बात तो दीगर बीते साल हटाये गये अधिभार से भी बुरी तरह पिछड़ रही है। इसका असर आने वाली बरसात में कोयला उत्पादन पर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है। यूपी स्थित खदानों का हाल बेहद बुरा है। महज अप्रैल और मई माह के दौरान ही बीना खदान लक्ष्य का लगभग आधा (52.48 प्रतिशत)ओबी ही हटा सकी है जबकि खड़िया लगभग 1.45 (लक्ष्य का 88.10 प्रतिशत)और कृष्णशीला 0.78 (लक्ष्य का 80.60 प्रतिशत ) मिलियन क्यूबिक मीटर पिछड़ चुकी है। मप्र स्थित ब्लॉक बी में हालत बेहद गम्भीर है। वहां लक्ष्य 6.56 के सापेक्ष अभी तक केवल 1.26 मिलियन क्यूबिक मीटर (लक्ष्य का 19.21 प्रतिशत)ओबी ही हटाया गया है लेकिन यहां फारेस्ट लैंड की समस्या वज...
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