सराईकेला, नवम्बर 5 -- सरायकेला।कार्तिक पुर्णमा के अवसर पर ओडिया समुदाय द्वारा 'बोइता बंदना' का उत्सव मनाया गया । इस दौरान लोगो ने केले के तने से बनी छोटी-छोटी सजी हुई नाव(बोइता) में दीपक और प्रसाद रखकर उन्हे नदियो में प्रवाहित किया। यह पारंपारिक उत्सव ओडिशा की प्राचिन समुद्री विरासत को याद करने और दक्षिण-पुर्व एशियाई देशो के साथ उसके एतिहासिक व्यापारिक संबंधो को मनाने के लिए आयोजित किया जाता है साथ ही हिंदु धर्म के अनुसार कार्तिक पुर्णिमा एक अत्यंत पवित्र त्योहार है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पुर्णिमा तिथि को मनाया जाता है । इस दिन देव दिपावली के रुप में भी मनाया जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव द्वारा त्रिपुरासुर राक्षस का वध करने और भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार के रुप में प्रकट होने से भी जुडा है । बुधवार सुबह को सरायकेला तथा आस-...