नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को शीर्ष कोर्ट में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया, ताकि समानांतर कार्यवाही में परस्पर विरोधी आदेश पारित न हों। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष यह याचिका पेश की गई। याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि भारत सरकार ने स्थानांतरण याचिका दायर की है। ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम को तीन उच्च न्यायालयों में चुनौती दी गई है। चूंकि यह कर्नाटक हाईकोर्ट के समक्ष अंतरिम आदेशों के लिए सूचीबद्ध है, इसलिए क्या इसे सोमवार को सूचीबद्ध किया जा सकता है? सीजेआई ने याचिका को अगले सप्ताह विचार के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की। ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 ऑनलाइन पैसे वाले खेलों ...
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