नई दिल्ली, अगस्त 20 -- लोकसभा में बुधवार को पेश किए गए 'ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025' 'वास्तविक धन वाले ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म' का अंत कर सकता है जिनकी भारतीय खेलों, विशेषकर क्रिकेट के प्रायोजन बाजार में हिस्सेदारी है। इस विधेयक का उद्देश्य तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक को विनियमित करना है जो देश के ई-स्पोर्ट्स जगत के लिए एक सुखद खबर है। लेकिन अरबों डॉलर के 'फैंटेसी गेमिंग' उद्योग के राजस्व में भारी गिरावट देखी जा सकती है जिसमें क्रिकेट के प्रायोजन में बड़ी रकम खर्च करने वाली कंपनियां शामिल हैं। एक श्रृंखलाबद्ध प्रतिक्रिया के रूप में यह खेल प्रायोजन बाजार को भी प्रभावित कर सकता है जिसमें व्यक्तिगत खिलाड़ियों का प्रायोजन और कबड्डी तथा फुटबॉल जैसे खेलों की फ्रैंचाइजी आधारित घरेलू लीग शामिल हैं।कोई भी व्यक्ति इसमें शामि...
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