नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- भारतीय मिठाइयों की सबसे अहम सामग्री खोया है। त्योहार हो या शादी-ब्याह, पेड़ा, बर्फी और गुलाबजामुन जैसे व्यंजन इसी से बनते हैं। लेकिन लंबे समय तक खोये का उत्पादन असंगठित रहा और मिलावट इसकी सबसे बड़ी समस्या बनी रही। ऐसे में में ज्ञान डेयरी ने विश्व का सबसे बड़ा खोया बनाने का प्लांट लखनऊ में स्थापित किया, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 20 मीट्रिक टन खोया उत्पादन की है। ऐसी पहल न केवल खोया उत्पादन को संगठित बनाएंगी बल्कि भारतीय मिठाइयों की परंपरा और महत्ता को भी पुनः स्थापित करेंगी।असंगठित खोया बाजार और मिलावट का जाल भारत में सालाना 1 करोड़ टन दूध से लगभग 20 लाख टन खोया तैयार किया जाता है, लेकिन सोचने वाली बात है कि दूध, दही, बटर या पनीर की तरह खोया आज तक संगठित ढांचे में क्यों नहीं आया? छोटी-छोटी भट्टियों और कारखानों पर बनने ...
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