शिवम सिंह, फरवरी 9 -- बेटी लापता हो जाए तो घरवालों की नींद उड़ जाती है। मामला दर्ज होने पर खासकर नाबालिग लड़की के मामले में पुलिस पर भी दबाव बढ़ जाता है। पुलिस ढूंढकर लाती भी है लेकिन सच यह है कि ऐसे मामलों को कोई पुलिसकर्मी लेना नहीं चाहता है। कारण, लोकेशन प्रदेश से बाहर मिलने पर वहां से लाने में हजारों का खर्च आता है। इसके लिए पुलिस को अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। भत्ते की व्यवस्था है लेकिन अमूमन वह मिल नहीं पाता या समय पर नहीं मिलता। कानूनी पेचीदगियों के कारण पुलिसकर्मी दावा भी नहीं करते। गुमशुदा लड़की की लोकेशन यूपी से बाहर मिलने पर उसे लाने में कम से कम 20 से 25 हजार रुपये का खर्च आता है। नियम है कि आने-जाने का खर्च एक मानक के अनुसार मिले, लेकिन जो रकम मिल सकती है, उसके लिए कोई आवेदन नहीं करता है। इसकी मॉनिटरिंग होती है। दूसरे, असल ज...