सीवान, अक्टूबर 4 -- अखिलेश्वर कुमार सिंह दरौंदा। बुधवार की सुबह। समय - करीब आठ बजे। स्थान - स्टेशन रोड। यहां मिठाई दुकान पर जलेबी और चाय लेने के लिए भीड़ लगी थी। चाय की दुकान पर बैठे सतन बाबू ने अखबार के पन्ने से नज़र उठाते हुए कहा - ए बाबू परवेस का हाल बा! चुनाव नजदीक आ गइल बा, नेताजी लोग टेंशन में दिख रहल बा। एके गठबंधन में चढ़ा- उपरी खूब सुनाता। अब देखे के बाटे कि के बाजी मारता। उनकी बात सुनते ही आसपास बैठे लोगों ने चर्चा शुरू कर दी। बगल में खड़े छोटकू मिस्त्री बोले - टेंशन त होई ना, मेहनत करके टिकट खातिर आशा लागल रहे। अब अगर मिली त एके आदमी के दल के नू मिली। इसी बीच अधेड़ उम्र के महेश बाबू भी बहस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा - जब पुराना बंटवारा लागू होगा तो पुराने लोगों को ही लाभ मिल जाएगा। लेकिन कुछ नेताजी अपना दांव चल रहे हैं। लेकि...
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