लखनऊ, अगस्त 25 -- Astronaut Shubhanshu Shukla: स्पेस में शुरुआती तीन दिन ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और उनके अन्य सहयोगियों के लिए बड़ी चुनौती रहे। भारत लौटने के बाद अपने परिवार से फोन पर अलग-अलग समय हो रही बातचीत में उन्होंने ये अनुभव साझा किए। बताया कि जब अन्तरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंचे तो एक वक्त उस वातारण में खुद को ढालने में लगा। इस बीच शुरुआत के तीन दिन रह रह कर सिर में हल्का दर्द महसूस होता था। संतुलन बनाने की कोशिश की। उन्होंने अपने पिता शंभूदयाल और मां आशा को फोन पर बताया कि स्पेस में शरीर पहले दिन की तुलना में जल्दी बेहतर महसूस करने लगता है। माइक्रोग्रैविटी में शरीर में कई बदलाव होते हैं, जैसे तरल पदार्थ का स्थानांतरण , हृदय गति में परिवर्तन। साथ ही संतुलन बनाने के लिए अभ्यास करना होता है। बावजूद इसके वह इस बात से हैरान हु...
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