महाराजगंज, नवम्बर 25 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा से जुड़े रोटी-बेटी के रिश्ते में एसआईआर नेपाल मूल की भारतीय दुल्हनों के मतदाता बने रहने के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि कुछ नेपाली महिलाओं को छोड़ अधिकांश का 2003 की मतदाता सूची में नाम नहीं है। जिन महिलाओं का पिछले एसआईआर की मतदाता सूची में नाम नहीं है, उनको पिछले एसआईआर के अनुसार संबंधी का विवरण भरना है। इसके लिए महिलाएं अपने मायके से अपने माता-पिता, दादी का विवरण जुटा रही हैं, लेकिन नेपाल मूल की महिलाएं असमंजस में हैं कि वह गणना प्रपत्र में किस संबंधी का विवरण भरें? जनपद की 84 किमी सीमा नेपाल से जुड़ती है। सोनौली, ठूठीबारी, परसामलिक, निचलौल व बरगदवा क्षेत्र के तमाम गांव नेपाल के सीमावर्ती जनपद रुपनदेही, नवलपरासी एवं कपिलवस्तु जिले से जुड़े हैं...