नई दिल्ली, जनवरी 1 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता कांति गांगुली ने दावा किया है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से सबसे ज्यादा प्रभावित बांग्लादेश से आकर पश्चिम बंगाल में बसे हिंदू होंगे। पूर्व मंत्री गांगुली को शुक्रवार को दस्तावेज सत्यापन सुनवाई के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस प्रक्रिया के पक्ष में हैं लेकिन इसे केवल दो-तीन महीनों के बजाय लंबी अवधि में किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इसे और अधिक त्रुटिरहित एवं सटीक बनाने के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए था। भारत एक विशाल राष्ट्र है जिसकी जनसंख्या बहुत अधिक है, इसलिए मतदाता सूचियों के बेहतर पुनरीक्षण के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए था। 82 वर्षीय गांगुली ने 2001 से 2011 तक सुंदरबन विकास विभाग के मंत्री के रूप में और 2009 से 2011 तक...
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