ललितपुर, जनवरी 12 -- विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बावजूद मतदाता सूची के आलेख प्रकाशन में अनगिनत खामियां उभरकर सामने आ रही हैं। कहीं पिता को युवती का पति दर्शा गया है तो किसी जगह पुरुष मतदाता की जगह महिला का फोटो चस्पा है। यही नहीं, मात्रा और बिन्दी की गलतियों ने अब मतदाताओं को उलझन में डाल दिया है। फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची से बेदखल करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके तहत मतदाताओं से वर्ष 2003 याफिर इससे पहले मतदाता होने से प्रपत्र मांगे गए थे। इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के बाद लगभग 95,447 मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर हो गए थे। इसके बाद आलेख प्रकाशन के माध्यम से नयी मतदाता सूची लोगों के बीच रखी गयी। बीएलओ अपने-अपने पोलिंग बूथों पर वोटर लिस्ट लेकर मुस्तैद हैं। यहां लोग अपना नाम देखने के ...
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