लखनऊ, दिसम्बर 12 -- लखनऊ विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में हुए केबल लेइंग के कार्यों में 88 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और गबन के मामले में विवि पर बिना कमरा व सड़क बने ही जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट देने का आरोप लगाया गया है। साथ ही गलत ढंग से जांच कराकर राजभवन को रिपोर्ट भेजे जाने का आरोप है। इस बाबत शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उच्च शिक्षा विभाग की टेक्निकल ऑडिट सेल के जरिए जांच की मांग उठाई है। इसके अलावा कुलपति, कुलसचिव और वित्त अधिकारी की भूमिका की जांच करने की मांग की है। विवि की कुलसचिव को भी शिकायती पत्र भेजा है। शिकायतकर्ता कार्तिक पांडेय ने आरोप लगाया कि उसे जांच प्रक्रिया से पूर्णतया दूर रखा गया। इस संबंध में उनका पक्ष सुना गया न ही उन्हें जांच के संदर्भ में किसी तरह की जानकारी से अवगत कराया गया। जिससे ...