लखनऊ, फरवरी 18 -- लखनऊ विकास प्राधिकरण बुधवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का निजी मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया। हैकर ने उनके नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए तमाम आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को मैसेज और क्यूआर कोड भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। किसी से 40 हजार रुपये तो किसी से 20 हजार और 48 हजार रुपये मांग की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक दीपक सिंह से भी 40 हजार रुपये मांगे गए। मैसेज का लहजा ऐसा था, मानो खुद उपाध्यक्ष किसी तत्काल आवश्यकता के लिए रकम मांग रहे हों। हैकर ने दो दिन बाद पैसे वापस कर देने का भी मैसेज भेजा। हालांकि, जिन अधिकारियों को यह संदेश मिला, वे उपाध्यक्ष की कार्यशैली और व्यवहार से परिचित थे। उन्हें तुरंत शक हुआ कि यह फर्जीवाड़ा है। सतर्कता दिखाते हुए किसी ने भी र...