गोरखपुर, जुलाई 3 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स की ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब मरीजों से पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पर्चे की वैधता छह माह कर दी गई है। जबकि, पहले पर्चे की वैधता तीन माह थी। इसे लेकर बुधवार को ओपीडी के 21 नंबर काउंटर पर हंगामा भी हुआ। जानकारी होने पर एम्स की कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता पहुंची। इसके बाद उन्होंने नई व्यवस्था लागू कर दी। साथ ही सख्त निर्देश दिया है कि मरीजों से अगर वसूली की शिकायत आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एम्स में ओपीडी की शुरुआत के समय 20 रजिस्ट्रेशन शुल्क और 10 रुपये ओपीडी पर्चा का लिया जाता था। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद 20 रुपये जमा कराकर मरीजों को एक कार्ड दिया जाता था। इस कार्ड पर मरीज की पूरी जानकारी रहती थी। इस बीच प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.