रिषिकेष, जनवरी 8 -- एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के चिकित्सकों ने अत्याधुनिक ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टीईईआर) तकनीक का उपयोग करते हुए 65 वर्षीय वृद्ध मरीज के हृदय के माइट्रल वाल्व में मौजूद गंभीर लीकेज का बिना सर्जरी के उपचार किया है। वाल्व में अत्यधिक लीकेज के कारण मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी, जबकि सामान्यतः यह 60 प्रतिशत के आसपास होती है। मरीज जगतवीर सिंह, निवासी ग्राम मोहनपुर जट, तहसील रुड़की वर्ष 2023 में हृदय में स्टेंट प्रत्यारोपण करा चुके थे। बीते कुछ महीनों से उन्हें सांस फूलने, अत्यधिक थकान और दैनिक गतिविधियों में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। जांच में गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन की पुष्टि हुई। उम्र अधिक होने और प...