सहरसा, दिसम्बर 14 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। सदर अस्पताल रोड आज अतिक्रमण की ऐसी गिरफ्त में फंसा है कि यहां से गुजरना किसी परीक्षा से कम नहीं। सड़क के दोनों ओर दुकानों का इतना घना निर्माण हो चुका है कि एक इंच जमीन भी खाली नहीं बची है। सरकारी जमीन पर रोज़ाना अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, और यह हाल तब है जब इसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों मरीज, स्वजन, एम्बुलेंस और अस्पताल कर्मियों का आवागमन होता है। स्थिति यह है कि एम्बुलेंस भी कई बार जाम की गिरफ्त में फंस जाती है। जबकि यह जगह पूरे शहर की जीवनरेखा मानी जाती है सदर अस्पताल। यहां आने वाले हर व्यक्ति को उम्मीद रहती है कि कम से कम अस्पताल के आसपास व्यवस्था बेहतर होगी, पर वास्तविकता बिल्कुल उलट है। लोग बीमारी से जूझते हुए अस्पताल आते हैं और यहां अतिक्रमण की जंग भी लड़नी पड़ती है। इससे अधिक दुःखद विडंबन...