उज्जैन, नवम्बर 18 -- उज्जैन में हरिद्वार की तर्ज पर सिंहस्थ 2028 की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 2 हजार 376 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर के स्थाई निर्माण किया जाना था। वहीं किसान इन जमीनों पर स्थायी निर्माण का विरोध कर रहे थे। इसको लेकर 18 नवंबर को एक बड़े आंदोलन की तैयारी चल रही थी। इस आंदोलन का नाम 'डेरा डालो घेरा डालो' रखा गया था। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने इससे पहले ही लैंड पुलिंग एक्ट निरस्त करने के आदेश जारी कर दिया।लैंड पुलिंग एक्ट निरस्त करने का आदेश बताया जाता है कि सीएम हाउस में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान संघों, उज्जैन के जनप्रतिनिधियों, उज्जैन जिला प्रशासन और भाजपा पदाधिकारियों के साथ लैंड पुलिंग एक्ट के मुद्दे पर बैठक की। इसी बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने नगरीय प्रशासन विकास विभाग और जिला प्रशा...