लखनऊ, नवम्बर 27 -- उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और उन्हें उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मोड में बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश में 14 नवंबर तक लगभग 49,95,001 स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इसी बीच बिना उपभोक्ताओं की अनुमति के ही 35,06,349 उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड मोड में कन्वर्ट कर दिए जाने का आरोप सामने आया है। उपभोक्ता परिषद ने इसे विद्युत अधिनियम 2003 का खुला उल्लंघन बताया है। परिषद ने कहा है कि जब पड़ोसी राज्यों में ऐसा नहीं हो रहा तो यूपी में क्यों? विद्युत नियामक आयोग अपने टैरिफ आदेश में स्पष्ट कर चुका है कि विद्युत अधिनियम 2003 धारा 47(5) उपभोक्ताओं को पोस्टपेड या प्रीपेड विकल्प चुनने का अधिकार देता है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन द्वारा उपभोक्ता की सहमति के बिना मीटर को प्रीपेड मोड में बदले जा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.