पाकुड़, अगस्त 1 -- पाकुड़ राशि के अभाव में जिले के 190 विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना बंद होने के कगार पर हैं। कभी भी किचन में ताला लग सकता है। यदि ऐसा हुआ तो जिले के 190 विद्यालयों में पढ़ने वाले एक लाख 58 हजार 124 बच्चे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। दरअसल वित्तीय वर्ष 2025 में एमडीएम का राशि जिला को उपलब्ध नहीं होने के कारण माता समिति के खाते में राशि नहीं भेजी गयी है और स्कूल के वेंडरों को राशि नहीं मिलने से यह नौबत आई है। कई वेंडरों ने तो सामान देने से हाथ भी खड़े कर दिये हैं। फिलहाल कई हेडमास्टर व माता समिति अपनी जेब से स्कूलों में माध्याह्न भोजन योजना चला रहे हैं। लेकिन यह कब तक चलेगा, कहना मुश्किल है। फिलहाल सबकी निगाहें मध्याह्न भोजन निदेशानालय से आने वाली पूरे चार माह की राशि पर टिकी है। विभाग ...
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