जमशेदपुर, दिसम्बर 5 -- एमजीएम अस्पताल में आईसीयू की सुविधा शुरू हो जाए तो कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। एमजीएम अस्पताल साकची से डिमना के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद सेंट्रल आईसीयू पूरी तरह बंद हो गई है। साकची में दस बेड की आईसीयू में हमेशा मरीज भरे रहते थे। हालांकि वहां भी वेंटिलेटर यह कहकर नहीं चलाया जाता था कि खराब है। वहां सिर्फ ऑक्सीजन और मॉनिटर चलाया जाता था। नए अस्पताल में तो 20 बेड की आईसीयू की सुविधा मिली है, लेकिन उसे पूरी तरह बंद रखा गया है। जबकि यहां भी वही सुविधा है, जो साकची में थी। ऐसे में यहां से रोज दो-तीन गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। सामान्य वार्ड से ज्यादा सुविधा यदि इस आईसीयू को चालू कर दिया जाता और मॉनिटर पर भी रखा जाता तो सामान्य बेड की अपेक्षा यहां मरीजों पर पल-पल की स्थिति का पता चलता और उसपर सामान्य म...