नई दिल्ली, अगस्त 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) द्वारा राज्यों से गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने का आग्रह करने वाले पत्र को संबंधित हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। याचिकाकर्ता संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा की सरकारों द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्रों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने का निर्देश देने के फैसले को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा कि वह शीर्ष अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए संरक्षण को बढ़ाएगी और उन्हें हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देगी। पिछले साल 21 अक्तूबर को पारित अपने आदेश में, शीर्ष अदालत ने एनसीप...
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