नई दिल्ली, फरवरी 7 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) पोर्टल पर शिकायती मामलों के आंकड़ों को एकीकृत करने को कहा है। आदेश में कहा गया कि ऐसे मामले जिनमें प्राथमिकी दर्ज नहीं होती और जो सक्षम अदालतों में लंबित हैं या तय हो चुके हैं। ऐसे मामलों के आंकड़े भी रिकार्ड में जुड़ने चाहिए। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह एवं न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने एनसीआरबी के निदेशक व राष्ट्रीय सूचना सेंटर (एनसीआर) के डीडीजी से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि क्या एनसीआरबी पोर्टल पर उक्त डाटा को एकीकृत करने के लिए कोई कदम उठाए गए। इस आंकड़े में जेल में बंद कैदियों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले शामिल हैं। पीठ ने कहा कि अदालत के समक्ष रिकॉर्ड पर रखी गई दो स्टेटस रिपोर्ट के आलोक में इस पीठ की राय है कि एनसीआरब...
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